palmistry

हस्तरेषा वाचन


 

‘हस्त सामुद्रीक’ इस शास्त्र का असली नाम ‘हस्त विज्ञान शास्त्र हैं। इस शास्त्र के मुख्यतः तीन विभाग हैं। पहले विभाग क¨ हस्त लक्षण शास्त्र (cheirognomy) कहते हैं। इसें हाथ का आकार, हाथ का विभाजन, हाथ का रंग, हाथ की त्वचा, हाथ की ऊँगलियाँ, नाखून, अंगुठा एवम् ग्रहोंके ऊँचे स्थान (टीले) आदी समाविष्ट ह¨ते हैं। दुसरे विभाग क¨ हस्त रेखा शास्त्र (chairognomy) कहते हैं। इसें हाथ की रेखाएँ समाविष्ट होती हैं। इन रेखाओंके 6 प्रमुख 8 एवंम निम्न रेखाएँ होती हैं।

मनुष्य कर्म करताही रहता है; किंन्तु, उसे अगर भाग्य की जोड हो , तभी मनुष्य सफल जीवन जिता है। कई बार मनुष्य कर्म करते हुए भी उसे भाग्य का साथ नहीं मिल पाता। ऐसेें, उसे अपना भाग्य कब हमारा साथ देगा, यह देखना अनिवार्य होता है। ऐसे समय हस्त रेखाओ द्वारे अपना सही भविष्य देखा जा सकता है । जीवन में भूतकाल में घटीत घटनाएँ एवंम् आनेवाले संकटोकी जानकारी हस्त रेखाओ द्वारे प्राप्त होती है। भविष्य में आनेवाले अवसरो का अंदाजाभी लगाया जा सकता है। आनेवाली संकटो से निपटनाभी संभव होता हैं। अपने बच्चे किस प्रकार की शिक्षा ग्रहण करें, यह हम हस्तरेखाओ द्वारा बता सकते हैं। उसके अनुसार बच्चोका जीवनक्र निश्चित करना सुलभ होगा; इससे सफलताभी शिघ्र मिलती हैं। इसीप्रकार लडका और लडकी की आपसें बनेगी या नहीं, यह भी आप हस्त रेखाओद्वारा बता सकते हैं। हाथपर स्थित सुक्ष्म रेखाओद्वारे बिमारियोका निदान होता हैं। मानसिक शास्त्र का अध्ययन हस्तरेखाओद्वारा भलीभाँती होता हैं। इसीप्रकार कम बुद्धीमान बच्चो हस्त रेखाओ द्वारा ढुँढे जा सकते हैं, तथा उनका उचित बौद्धिक विकास हो , इसके लिए यथा संभव इलाज करानें मेंभी सहायता लिती हैं। हाथोकी लकिरो से अपराधिक स्वभाव भी जाना जाता हैं। व्यावसायिक मार्गदर्शनभी होता हैं। जिवनमें आगे आनेवाले संकटो की जानकारी भी हस्तरेखाद्वारा प्राप्त होती हैं। हाथ का परिक्षण करते समय हाथ पर स्थित घटनाओ का कालमान भी तय किया जा सकता हैं। कौनसी घटना, किस उम्रमें होनेवाली है, इसका सही अंदेशा हाथोकी लकिरोद्वारा किया जा सकता हैं। जैसे: अगर हाथोकी लकिरो में विदेशागन अथवा नोकरीमें पदोन्नती, दुर्घटना, विवाह आदी बाते अंकीत हो , तब यह बाते (घटनाएँ) किस वर्ष में या किस उम्र में होनेवाली है, यह निश्चित रूपसे बताया जा सकता हैं। ऊसके लिए हाथ कि निशानियाँ लेकर कालमान निकालना संभव हैं। अपनें हाथोंको परिक्षणद्वारा अपना भूत, वर्तमान एवंम् भविष्यकाल अपनी ऊम्रके अनुसार जान लिजिए। अपनें हाथ का नमुना परिक्षण कैसे होगा , यह जाननें लिए नमुना परिक्षण में देखें।

Copyright © 2017 palmistryresearch.com. All rights reserved. Design by Ultraliant Pvt Ltd
Ask Question